पृथ्वी क्या है (What is Earth In Hindi)


इस लेख में हम जानेंगे कि पृथ्वी क्या है और हमारी पृथ्वी अन्य ग्रहों से किस प्रकार भिन्न है। 

हमारे सौरमंडल में 8 ग्रह हैं और प्रत्येक ग्रह दूसरे से अलग है। हमारी पृथ्वी सौरमंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसमें जीवन मौजूद है। हम पृथ्वी के बारे में सभी रोचक तथ्य जानेंगे ।

हमारी पृथ्वी अन्य ग्रहों से भिन्न है -  आकार, व्यास, त्रिज्या, घनत्व, आयतन, द्रव्यमान, तापमान में 

हम इस लेख के माध्यम से पृथ्वी के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करेंगे ।

तो चलिए जानते है : पृथ्वी क्या है?

पृथ्वी क्या है? (What is Earth in Hindi)

हमारी पृथ्वी सौरमंडल के 8 ग्रहों में से एक है। पानी की अधिकता के कारण पृथ्वी अंतरिक्ष से नीली दिखाई देती है, इसलिए इसे 'नीला ग्रह'  भीकहा जाता है । पृथ्वी की सतह का 71% भाग पानी से ढका है और 29% भाग भूमि से ढका हुआ है। पृथ्वी के भूमि क्षेत्र को स्थलमंडल कहा जाता है । और पृथ्वी के जल क्षेत्र को जलमंडल कहते हैं

स्थलमंडल को 7 महाद्वीपों  में बांटा गया है - एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका 

जलमण्डल को 5 महासागरो में बांटा गया है: प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक महासागर, दक्षिणी महासागर। 

पृथ्वी के वायुमंडल में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन की अधिकता है। पृथ्वी का वायुमंडल 78 प्रतिशत नाइट्रोजन, 21 प्रतिशत ऑक्सीजन, 0.9 प्रतिशत आर्गन और 0.1 प्रतिशत अन्य गैसों से बना है।

पृथ्वी एक ऐसा ग्रह है जिस पर पानी तीनों अवस्थाओं में पाया जाता है : ठोस, तरल और गैस।

सूर्य से दूरी के क्रम में पृथ्वी सौरमंडल का तीसरा ग्रह है। 

पृथ्वी आकार में सौरमंडल का पांचवा सबसे बड़ा ग्रह है।

रेडियोमेट्रिक डेटिंग अनुमान के अनुसार, पृथ्वी की आयु 4.5 अरब वर्ष आंकी गई है ।

आइए जानते हैं पृथ्वी के बारे में  कुछ रोचक तथ्य।

पृथ्वी का आकार

जब भी हम पृथ्वी के बारे में सोचते हैं, तो हमारे मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि पृथ्वी का आकार क्या है? कई वर्षों तक मनुष्य पृथ्वी को चपटा ही समझता रहा क्योंकि यदि हम पृथ्वी पर खड़े होकर उसे चारों ओर से देखेंगे तो हमें वह समतल दिखाई देगा। 

कई खगोलविदों ने बाद में पता लगाया कि पृथ्वी का आकार गोल है।

हम पृथ्वी पर खड़े होकर यह नहीं बता सकते कि पृथ्वी गोल है क्योंकि पृथ्वी का आकार मनुष्य से बहुत बड़ा है और इस कारण हमें यह गोल नहीं लगता और हम इसे सपाट देखते हैं।

लेकिन अब मनुष्य अंतरिक्ष में चला गया है, इसलिए पृथ्वी के वास्तविक आकार का पता चल गया है। पृथ्वी न सपाट है और न ही पूरी तरह से गोल, पृथ्वी का वास्तविक आकार अण्डाकार/गोलाकार है। पृथ्वी के आकार को GEOID कहते हैं।

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पृथ्वी का व्यास

पृथ्वी के गोलाकार होने का कारण यह है कि पृथ्वी का भूमध्यरेखीय व्यास पृथ्वी के ध्रुवीय व्यास से 42 किमी अधिक है। पृथ्वी का भूमध्यरेखीय व्यास 12756 किमी (7926 मील) है और पृथ्वी का ध्रुवीय व्यास 12714 किमी (7899.86 मील) है। पृथ्वी का औसत व्यास लगभग 12742 किमी है।

पृथ्वी का व्यास

पृथ्वी की त्रिज्या

पृथ्वी के केंद्र से पृथ्वी की सतह तक की दूरी को पृथ्वी की त्रिज्या कहा जाता है । पृथ्वी की भूमध्यरेखीय त्रिज्या 6378 किमी (3,963 मील) है, जबकि पृथ्वी की ध्रुवीय त्रिज्या 6357 किमी (3,950 मील) है। इसका अर्थ है कि पृथ्वी की भूमध्यरेखीय त्रिज्या पृथ्वी की ध्रुवीय त्रिज्या से 21 किमी अधिक है।

पृथ्वी की औसत त्रिज्या लगभग 6,371 किमी (3,959 मील) है। 

पृथ्वी की त्रिज्या

पृथ्वी की परिधि

पृथ्वी के चारों ओर की दूरी को पृथ्वी की परिधि कहते हैं । पृथ्वी की भूमध्यरेखीय परिधि लगभग 40,075.017 किमी (24,901.461 मील) है और पृथ्वी की ध्रुवीय परिधि लगभग 40,007.863 किमी (24,859.734 मील) है।

पृथ्वी का तापमान

पृथ्वी की सतह का औसत तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस और पृथ्वी के केंद्र (कोर) का तापमान लगभग 6000 डिग्री सेल्सियस है।

ग्रीनहाउस गैसों के प्रभाव से पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है।

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सूर्य से पृथ्वी की दूरी

पृथ्वी सूर्य से लगभग 150 मिलियन किमी (93 मिलियन मील) दूर है। सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी को 'खगोलीय इकाई' कहा जाता है।

3 जनवरी को पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट होती है। उस समय, यह सूर्य से 147.1 मिलियन किमी (91.4 मिलियन मील) की दूरी पर है। इसे पेरिहेलियन कहा जाता है।

और 4 जुलाई को पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर होती है। उस समय, यह सूर्य से 152.1 मिलियन किमी (94.5 मिलियन मील) की दूरी पर है। इसे अपहेलियन कहा जाता है।

पेरिहेलियन और अपहेलियन को मिलाने वाली रेखा सूर्य के केंद्र से होकर गुजरती है। इसे 'अपसाइड लाइन' कहा जाता है।

सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने में लगभग 8 मिनट 20 सेकंड (500 सेकंड) का समय लगता है।

पेरीहेलियन और एफ़ेलियन

पृथ्वी का सतह क्षेत्र

पृथ्वी की सतह का क्षेत्रफल लगभग 510 मिलियन किमी^2 (197 मिलियन वर्ग मील) है। सतह क्षेत्र का 361.13 मिलियन किमी^2 (139.43 मिलियन वर्ग मील) (70.8%) पानी से आच्छादित है और शेष 148.94 मिलियन किमी^2 (57.51 मिलियन वर्ग मील) (29.2%) सतह क्षेत्र पर भूमि है। .

लगभग 97.5% पानी खारा है, शेष 2.5% ताजा पानी है, ज्यादातर ताजा पानी, लगभग 68.7%, बर्फ के पहाड़ों और ग्लेशियरों के रूप में मौजूद है।

पृथ्वी का द्रव्यमान

वर्तमान में पृथ्वी  का अनुमानित द्रव्यमान  5.97237×10^ 24 किग्रा  है । 

पृथ्वी का आयतन

पृथ्वी  का आयतन  1.083 x10 12  किमी^3 है ।

पृथ्वी का पलायन वेग

पृथ्वी का पलायन वेग 11.186 किमी / से है

यदि किसी वस्तु को इतनी गति से फेंका जाता है कि वह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर चली जाती है और वापस नहीं आती है। अतः किसी वस्तु को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार करने के लिए जिस न्यूनतम वेग की आवश्यकता होती है, उसे पलायन वेग कहते हैं।

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पृथ्वी का घनत्व

पृथ्वी का घनत्व  5.514 ग्राम / सेमी^3 है।

पृथ्वी का परिभ्रमण और परिक्रमण

पृथ्वी की गति दो प्रकार की होती है :परिभ्रमण और परिक्रमण।

पृथ्वी का परिभ्रमण: जब पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है तो इसे 'पृथ्वी का परिभ्रमण' कहते हैं।

पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है, जिसे 'पृथ्वी की दैनिक गति' कहा जाता है । पृथ्वी अपनी धुरी पर 23 घंटे 56 में 4.09 सेकेंड में एक चक्कर लगाती है।

यह अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री लंबवत झुकी हुई है। पृथ्वी की घूर्णन गति, के कारण ही दिन और रात होते हैं। पृथ्वी के घूर्णन को ही पृथ्वी की दैनिक गति कहा जाता है 

पृथ्वी की घूर्णन गति : पृथ्वी की घूर्णन गति लगभग 1600 किमी/घंटा (1000 मील/घंटा) है।

पृथ्वी का परिक्रमण: जब पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है, तो इसे 'पृथ्वी की परिक्रमण' कहा जाता है। पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक अंडाकार पथ (जियोइड) पर घूमती है, जिसे पृथ्वी की कक्षा कहा जाता है।

पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर 365 दिन 6 घंटे 48 मिनट 45.51 सेकेंड में पूरा करती है। पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण ऋतु परिवर्तन होता हैं।

पृथ्वी की परिक्रमण गति:  पृथ्वी की परिक्रमण गति लगभग 29.78 किमी/सेकंड या 107,208 किमी/घंटा (66,616 मील/घंटा) है।

पृथ्वी का परिक्रमण और परिक्रमण

पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह

चंद्रमा, पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। यह सौरमंडल का पांचवां, सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है। ऐसा अनुमान है कि चंद्रमा लगभग 4.51 अरब साल पहले बना था।

चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी लगभग 384,400 किमी (238,900 मील) है।

चंद्रमा को पृथ्वी का एक चक्कर लगाने में 27.3 दिन लगते हैं, वहीं यह 27.3 दिनों में अपनी धुरी पर भी एक चक्कर लगाता है। यही कारण है कि पृथ्वी से चंद्रमा की सतह का केवल 59% भाग ही दिखाई देता है।

चंद्रमा बृहस्पति के उपग्रह के बाद सौरमंडल का दूसरा सबसे अधिक घनत्व वाला उपग्रह है l 

माध्य व्यास: 3475 किमी

त्रिज्या: 1737 किमी

भूमध्यरेखीय त्रिज्या: 1738.1 किमी

ध्रुवीय त्रिज्या: 1736.0 किमी

पृथ्वी से दूरी : 384,400 किमी

गुरुत्वीय बल : 1.62 मी/से²

सतह क्षेत्र: 3.793×107 किमी²

आयतन: 2.1958×1010 किमी^3

द्रव्यमान: 7.342×1022 किग्रा

घनत्व: 3.344 ग्राम/सेमी^3

पलायन वेग:2.38 किमी/से

पृथ्वी की आतंरिक संरचना 

पृथ्वी तीन अलग-अलग परतों से मिलकर बनी है: क्रस्ट, मेंटल और कोर

क्रस्ट पृथ्वी की ऊपरवाली परत है। क्रस्ट लेयर दो प्रकार की होती है: कॉन्टिनेंटल क्रस्ट और ओशनिक क्रस्ट।

मेंटल पृथ्वी के बीच की परत है। इसे दो भागों में बांटा गया है: अपर मेंटल और लोअर मेंटल।

कोर पृथ्वी की केन्द्रीय परत है। इसे भी दो भागों में बांटा गया है: आउटर कोर और इनर कोर।

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