Question
The practice of burning a small part of the forest by cutting down a small part of the forest to obtain agricultural land, practiced in Northeast India, is called?
पूर्वोत्तर भारत में प्रचलित, कृषि-भूमि प्राप्त करने के लिए वन के एक छोटे से हिस्से को काटकर रसे जलाने की रीति को क्या कहा जाता है ?
A.
B.
C.
D.
Answer
D. Jhum agriculture is a primitive type of agriculture in which trees and vegetation are first cut and burnt and the cleared land is plowed with old tools (wooden plows etc.) and seeds are sown. The crop is completely dependent on nature and production is very less. As long as there is fertility in the soil, this land is cultivated. Its After clearing the wildland elsewhere, new land is obtained for agriculture and that too is cultivated for only a few years. Thus it is shifting agriculture. This type of agriculture done by the primitive castes in the northeastern hills of India is called Jhum agriculture. This type of shifting agriculture is called Chena in Sri Lanka, Ladang in India, and Milpa in Rhodesia. So the correct answer is option D.
D. झूम कृषि एक आदिम प्रकार की कृषि है जिसमें पेड़ों और वनस्पतियों को पहले काटा जाता है और जला दिया जाता है और साफ की गई भूमि को पुराने औजारों (लकड़ी के हल आदि) से जोता जाता है और बीज बोए जाते हैं। फसल पूरी तरह से प्रकृति पर निर्भर है और उत्पादन बहुत कम है। जब तक मिट्टी में उर्वरता है, इस भूमि पर खेती की जाती है। इसका अन्यत्र जंगली भूमि को साफ करने के बाद कृषि के लिए नई भूमि प्राप्त होती है और वह भी कुछ वर्षों के लिए ही खेती की जाती है। इस प्रकार यह एक स्थानान्तरित कृषि है। भारत की उत्तरपूर्वी पहाड़ियों में आदिम जातियों द्वारा की जाने वाली इस प्रकार की कृषि को झूम कृषि कहा जाता है। इस प्रकार की स्थानांतरण कृषि को श्रीलंका में चेना, भारत में लडांग और रोडेशिया में मिल्पा कहा जाता है। इसलिए सही उत्तर विकल्प D है l